Engineering कंपनी को एक तरफ बड़े स्तर का सोलर प्रोजेक्ट मिला है, वहीं दूसरी ओर उसकी क्रेडिट रेटिंग में भी सुधार किया गया है। इन दोनों घटनाओं ने कंपनी के कारोबारी भविष्य को लेकर बाजार में सकारात्मक संकेत दिए हैं और निवेशकों का ध्यान इस शेयर की ओर गया है।
₹2,035 करोड़ का सोलर प्रोजेक्ट
कंपनी को Onix Renewables Limited की ओर से महाराष्ट्र में 600 मेगावाट एसी सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए EPC कार्य सौंपा गया है। इस काम में सोलर प्लांट का डिजाइन, इंजीनियरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग शामिल है। यह प्रोजेक्ट कई स्थानों पर विकसित किया जाएगा और इसकी तय समयसीमा लगभग 12 महीने रखी गई है। इस एक प्रोजेक्ट से Vikran Engineering के ऑर्डर बुक को मजबूत आधार मिला है और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट में उसकी मौजूदगी और गहरी हुई है।
ऑर्डर साइज और असर
इस सोलर प्रोजेक्ट की कुल कीमत करीब ₹2,035.26 करोड़ है, जो जीएसटी से अलग है। इतने बड़े काम से कंपनी के रेवेन्यू विज़िबिलिटी में साफ सुधार दिखता है। EPC कंपनियों के लिए लगातार बड़े प्रोजेक्ट मिलना सबसे अहम माना जाता है और इस लिहाज से यह डील Vikran Engineering के लिए एक बड़ा मोड़ कही जा सकती है। यह संकेत देता है कि कंपनी बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट को संभालने की क्षमता रखती है।
क्रेडिट रेटिंग में सुधार
इसी अवधि में कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को Infomerics Valuation and Rating Limited ने अपग्रेड किया है। बैंक सुविधाओं से जुड़ी लंबी और छोटी अवधि की रेटिंग में सुधार किया गया है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार, कंपनी के ऑपरेशंस का स्केल बढ़ा है, ऑर्डर बुक मजबूत हुई है और पूंजी संरचना भी संतुलित बनी हुई है। बेहतर रेटिंग का सीधा मतलब होता है कि भविष्य में फंड जुटाना आसान हो सकता है और ब्याज लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
Vikran Engineering का बिजनेस प्रोफाइल
Vikran Engineering एक मल्टी-सेक्टर EPC कंपनी है, जो पावर ट्रांसमिशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर और अब सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है। कंपनी पहले भी देश के कई राज्यों में बड़े प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी है। सोलर एनर्जी में लगातार बढ़ते काम से यह साफ है कि कंपनी अपने पोर्टफोलियो को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ढाल रही है।
निवेशकों के लिए क्या मायने
एक ही समय पर बड़ा EPC काम मिलना और क्रेडिट रेटिंग का सुधरना, दोनों ही घटनाएं कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति को मजबूत करती हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में Vikran Engineering का बिजनेस स्थिर तरीके से आगे बढ़ सकता है। हालांकि, EPC सेक्टर में समय पर प्रोजेक्ट पूरा करना और कैश फ्लो मैनेजमेंट हमेशा अहम रहता है, जिस पर आगे भी नजर रखनी जरूरी होगी।
कुल मिलाकर, दिसंबर 2025 में आई यह खबर Vikran Engineering के लिए सकारात्मक मानी जा रही है और कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट में एक मजबूत खिलाड़ी बनने की दिशा में कदम बढ़ाती दिख रही है।
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डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

Sumit Ghatala is a stock market researcher and financial content writer with over 8 years of experience tracking Indian equity markets, corporate earnings, and sectoral trends. He focuses on analysing company fundamentals, quarterly results, and broader market movements to provide readers with clear and structured insights.
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