बाज़ार में आईपीओ को लेकर फिर हलचल तेज़ हो गई है। सेबी ने एक साथ 13 कंपनियों के आईपीओ आवेदन को मंज़ूरी दे दी है। इसका साफ मतलब है कि आने वाले महीनों में प्राइमरी मार्केट काफी एक्टिव रहने वाला है। इनमें फैशन, डेटा सेंटर, मेटल रीसाइक्लिंग, होटल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर की कंपनियाँ शामिल हैं। निवेशकों के लिए यह मौका भी है और जोखिम भी—सब कुछ इस पर निर्भर करेगा कि कंपनी का बिज़नेस कितना मज़बूत है।
सेबी की मंज़ूरी
जब Securities and Exchange Board of India (SEBI) किसी कंपनी को आईपीओ की मंज़ूरी देता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आईपीओ कल ही आ जाएगा।
इसका मतलब है कि कंपनी अब अगले 12–18 महीनों के भीतर कभी भी बाज़ार में उतर सकती है, बशर्ते वह अपने डॉक्यूमेंट्स अपडेट करके RHP दाखिल करे।
यानी निवेशकों को अभी से तैयारी का समय मिल जाता है।
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कौन-कौन सी कंपनियाँ लाइन में हैं?
Purple Style Labs
यह वही कंपनी है जो Pernia’s Pop-Up Shop चलाती है। लग्ज़री फैशन से जुड़ी यह कंपनी करीब ₹660 करोड़ जुटाने की तैयारी में है और इसका आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू हो सकता है।
मतलब—कंपनी को ग्रोथ के लिए पैसा चाहिए, एग्ज़िट नहीं।
CMR Green Technologies
यह कंपनी नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग के बिज़नेस में है। दिलचस्प बात यह है कि इसका आईपीओ पूरी तरह OFS (Offer For Sale) होगा।
यानी कंपनी को नया पैसा नहीं मिलेगा, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
यह पॉइंट निवेशकों को ध्यान से देखना चाहिए।
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Sify Infinit Spaces
डेटा सेंटर सेक्टर की यह कंपनी सबसे ज़्यादा चर्चा में है।
करीब ₹3,700 करोड़ का आईपीओ साइज बताया जा रहा है, जिसमें:
- ₹2,500 करोड़ फ्रेश इश्यू
- ₹1,200 करोड़ OFS
डेटा सेंटर सेक्टर भविष्य का खेल माना जा रहा है, लेकिन वैल्यूएशन यहां सबसे बड़ा सवाल होगा।
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Pride Hotels
होटल सेक्टर से जुड़ी यह कंपनी करीब ₹1,000 करोड़ का आईपीओ ला सकती है।
ट्रैवल और टूरिज्म की रिकवरी को देखते हुए इस सेक्टर पर निवेशकों की नज़र जरूर रहेगी।
UKB Electronics, Medicap Healthcare, Oswal Cables
ये कंपनियाँ मिड-साइज आईपीओ के तौर पर देखी जा रही हैं।
यहाँ खेल ग्रोथ + प्रॉफिटेबिलिटी का होगा—सिर्फ नाम से काम नहीं चलेगा।
Our View
हमारी राय में,
आने वाले समय में आईपीओ की लाइन तो लंबी रहने वाली है, लेकिन हर आईपीओ पैसा बनाने का मौका नहीं होता। कुछ कंपनियाँ ग्रोथ के लिए आ रही हैं, तो कुछ सिर्फ वैल्यू अनलॉक करने के लिए। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाज़ी नहीं, बल्कि चुनाव करना होगा।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें किसी भी तरह की निवेश सलाह शामिल नहीं है। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर लें।

Sumit Ghatala is a stock market researcher and financial content writer with over 8 years of experience tracking Indian equity markets, corporate earnings, and sectoral trends. He focuses on analysing company fundamentals, quarterly results, and broader market movements to provide readers with clear and structured insights.
Sumit’s work is aimed at simplifying complex market data and helping retail investors understand risks, opportunities, and long-term perspectives through balanced and reader-friendly analysis.