चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर छू रही थीं तब बाजार में चर्चा थी कि सिल्वर नई ऊँचाइयों की तरफ बढ़ रहा है। लेकिन आज तस्वीर अचानक बदल गई। चांदी में करीब 20% की तेज गिरावट आई और तेजी का पूरा मूड एक ही दिन में ठंडा पड़ गया।
सुबह तक जो ट्रेंड मजबूत दिख रहा था, वह आज रात तेजी से पलट गया। यह कहा जा सकता है कि ओवरहीटेड रैली के बाद बाजार में मुनाफावसूली और घबराहट वाली बिकवाली एक साथ देखने को मिली।
क्यों भाग रही थी चांदी?
चांदी की हालिया रैली केवल एक वजह से नहीं आई थी। कई ताकतें एक साथ काम कर रही थीं।
फिजिकल सिल्वर बार और कॉइन की डिमांड तेजी से बढ़ी। ETF में पैसा लगातार आ रहा था। डॉलर में कमजोरी और रेट कट की उम्मीद ने भी सपोर्ट दिया। ऊपर से जियोपॉलिटिकल तनाव ने safe-haven खरीदारी बढ़ा दी।
रिटेल निवेशक बड़ी संख्या में सिल्वर की तरफ मुड़े। ऑनलाइन “buy silver” और “silver price” जैसी सर्च भी तेजी से बढ़ी। यह कहा जा सकता है कि स्टोरी मजबूत थी – लेकिन स्पीड बहुत ज्यादा हो गई थी।
चेतावनी पहले ही मिल रही थी ?
कई ग्लोबल एनालिस्ट पहले से संकेत दे रहे थे कि यह रैली थोड़ा “ओवरहीट” हो रही है।
Bank of America के विश्लेषकों ने हाल में सिल्वर को सबसे ज्यादा गरमाए हुए एसेट्स में गिना था। उनका कहना था कि कीमतों में तेजी fundamentals से ज्यादा momentum और speculative buying से चल रही है।
जब तेजी इस तरह की हो, तो छोटा सा ट्रिगर भी बड़ी गिरावट ला सकता है।
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आज गिरावट इतनी तेज क्यों हुई?
मार्केट जानकारों के मुताबिक आज की गिरावट के पीछे कई फैक्टर एक साथ दिखे:
- रिकॉर्ड तेजी के बाद भारी मुनाफावसूली
- leveraged ट्रेड पोजिशन का unwind
- टेक्निकल सपोर्ट लेवल टूटना
- डॉलर में हल्की मजबूती
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स की घबराहट भरी बिकवाली
कमोडिटी में जब स्टॉपलॉस एक साथ हिट होते हैं, तो गिरावट अचानक तेज दिखती है – आज वैसा ही हुआ।
अब आगे क्या? क्रैश या कंसोलिडेशन?
विशेषज्ञ मानते हैं कि हर तेज गिरावट लंबी मंदी की शुरुआत नहीं होती। कई बार बड़ी रैली के बाद बाजार “सांस लेने” के लिए रुकता है।
कुछ एनालिस्ट अभी भी मानते हैं कि इंडस्ट्रियल डिमांड, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से सिल्वर की लॉन्ग टर्म स्टोरी बनी हुई है। लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी ऊंची रह सकती है।
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निवेशक क्या करें?
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स:
अभी बाजार भावना से चल रहा है। जल्दी एंट्री-एग्जिट में जोखिम ज्यादा है। साफ लेवल और सख्त स्टॉपलॉस जरूरी है।
लॉन्ग टर्म निवेशक:
घबराहट में फैसला लेने के बजाय चरणबद्ध नजरिया बेहतर माना जाता है। गिरावट के बाद स्थिरता के संकेत देखना समझदारी हो सकती है।
निष्कर्ष
चांदी की कहानी खत्म नहीं हुई है – लेकिन यह साफ हो गया है कि रास्ता सीधा ऊपर नहीं जाता। तेज रैली के बाद 20% की यह गिरावट बाजार को याद दिलाती है: मोमेंटम जितना आकर्षक दिखता है, जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

Sumit Ghatala is a stock market researcher and financial content writer with over 8 years of experience tracking Indian equity markets, corporate earnings, and sectoral trends. He focuses on analysing company fundamentals, quarterly results, and broader market movements to provide readers with clear and structured insights.
Sumit’s work is aimed at simplifying complex market data and helping retail investors understand risks, opportunities, and long-term perspectives through balanced and reader-friendly analysis.