इस लेख में आपको ये सभी जानकारी मिलेगी:
- नए रेट्स कब से लागू होंगे।
- किन-किन चीज़ों के टैक्स रेट कम हुए हैं।
- किन चीज़ों पर से टैक्स पूरी तरह हट गया है।
- हर बदलाव का आप पर क्या असर होगा।
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके सामान की क़ीमत अचानक क्यों बदल जाती है?
जब भी आप बाज़ार में कोई सामान खरीदने जाते हैं, तो उसकी क़ीमत में GST (Goods and Services Tax) भी शामिल होता है। यह GST सिर्फ़ एक टैक्स नहीं है। यह देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला एक बड़ा फ़ैसला होता है।
और इन फ़ैसलों को लेती है GST काउंसिल।
अभी हाल ही में, 3 सितंबर 2025 को हुई GST काउंसिल बैठक में कुछ बहुत ही अहम निर्णय लिए गए। इनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि इस बैठक में क्या तय हुआ, किस चीज़ पर कितना टैक्स लगा, और इसका आप पर क्या असर होगा, तो यह लेख आपके लिए है।
चलिए, इसे एक दोस्त की तरह समझते हैं।
सबसे पहले, आपको बता दें कि यह नए नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे।
भारत में GST की ज़रूरत क्यों पड़ी?
अगर हम GST से पहले के समय को देखें, तो भारत में हर राज्य में अलग-अलग तरह के टैक्स होते थे। हर सामान पर VAT (Value Added Tax), सर्विस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी, और कई दूसरे टैक्स लगते थे।
यह पूरा सिस्टम इतना उलझा हुआ था कि व्यापारियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार करने में बहुत मुश्किल होती थी।
इस समस्या को हल करने के लिए ‘One Nation, One Tax’ का कॉन्सेप्ट आया, जिसे हम GST कहते हैं। इसने सारे छोटे-बड़े अप्रत्यक्ष (indirect) टैक्स को मिलाकर एक कर दिया।
GST काउंसिल इस पूरे सिस्टम को चलाती है। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री, राज्यों के वित्त मंत्री और दूसरे अधिकारी शामिल होते हैं। वे मिलकर यह तय करते हैं कि किस सामान पर कितना टैक्स लगेगा। उनका मुख्य काम टैक्स सिस्टम को आसान और प्रभावी बनाना है ताकि देश में व्यापार करना आसान हो सके।
क्या हुआ सस्ता: ये चीज़ें आपकी जेब बचाएंगी
GST काउंसिल फ़ैसला का सबसे बड़ा फ़ायदा मध्यम वर्ग के ग्राहकों को होगा। सरकार ने रोज़मर्रा के इस्तेमाल की कुछ ज़रूरी चीज़ों और सेवाओं पर टैक्स कम करके उन्हें सस्ता कर दिया है।
- रेस्टोरेंट में खाने-पीने का बिल: अगर आप बाहर खाने के शौकीन हैं तो यह आपके लिए अच्छी ख़बर है। रेडी-टू-ईट स्नैक्स पर GST 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। सरकार का यह फ़ैसला रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को मज़बूती देगा, जो महामारी के बाद से चुनौतियों का सामना कर रही है। इससे रेस्टोरेंट और कैफ़े में मिलने वाले स्नैक्स सस्ते हो जाएंगे, जिसका सीधा फ़ायदा मध्यम वर्ग को होगा।
- होटल और हॉस्पिटैलिटी: टूरिज्म सेक्टर को बड़ा बूस्ट देने के लिए होटल और रिसॉर्ट्स में 2500 रुपये से 7500 रुपये तक के कमरों पर GST 18% से घटाकर 12% कर दिया गया है। यह एक बहुत ही समझदारी भरा फ़ैसला है क्योंकि इससे लोग अब ज़्यादा ट्रैवल करेंगे, जिससे न सिर्फ़ टूरिज्म सेक्टर को बड़ा फ़ायदा होगा, बल्कि रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के पार्ट्स: भविष्य की ओर देखते हुए, EV बैटरीज़ और मोटर जैसे मुख्य पार्ट्स पर GST 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। यह फ़ैसला सरकार की ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की नीति का हिस्सा है। इससे EV पार्ट्स सस्ते होंगे और भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ बनाना ज़्यादा आसान हो जाएगा, जिससे इस सेक्टर में तेज़ी आएगी।
- ब्यूटी और पर्सनल केयर: हेयर ऑइल और शैम्पू पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। यह उन सभी के लिए अच्छी ख़बर है जो इन प्रोडक्ट्स का नियमित इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि अब इनका मासिक ख़र्च थोड़ा कम होगा।
क्या हुआ महंगा: इन चीज़ों पर ध्यान दें
कुछ सेवाओं और लक्ज़री आइटम्स पर टैक्स बढ़ाया गया है। सरकार का तर्क है कि इससे टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा और ज़रूरी सामानों पर कम टैक्स लगेगा।
- कस्टमर सर्विसेज: कुछ कस्टमर सर्विस और फ़ाइनेंशियल सेवाओं पर GST को 18% से बढ़ाकर 28% कर दिया गया है। इसमें ख़ास तौर पर वे सेवाएँ शामिल हैं जो लक्ज़री मानी जाती हैं। सरकार का मानना है कि जो लोग लक्ज़री सेवाएँ लेते हैं, वे ज़्यादा टैक्स दे सकते हैं, जिससे आम ज़रूरी सामानों पर से बोझ कम होता है।
- ऑनलाइन गेमिंग और कसीनो: ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन गैंबलिंग और कसीनो पर लगने वाला GST अब 18% से बढ़कर 28% हो गया है। सरकार का उद्देश्य इन गतिविधियों को नियंत्रित करना और इनसे ज़्यादा टैक्स जमा करना है, क्योंकि इन्हें लक्ज़री और एक तरह से जुए के रूप में देखा जाता है।
टैक्स पूरी तरह से हटा: अब हुआ 0%
इस GST काउंसिल फ़ैसला में कुछ ऐसी चीज़ें भी थीं जिन पर से GST को पूरी तरह हटा दिया गया है।
- मक्का (Maize): किसानों को सीधा फ़ायदा पहुँचाने के लिए मक्का पर से GST को 5% से घटाकर 0% कर दिया गया है। मक्का पोल्ट्री, फ़ूड प्रोसेसिंग और कई दूसरे उद्योगों के लिए एक कच्चा माल है। यह फ़ैसला इन सभी इंडस्ट्रीज़ को भी फ़ायदा पहुँचाएगा।
- कुछ फ़ार्मा प्रोडक्ट्स: कुछ ख़ास जीवन रक्षक और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं और उपकरणों पर से भी GST को 0% कर दिया गया है। इसका सीधा फ़ायदा गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों और उनके परिवारों को मिलेगा, जिससे उनका इलाज थोड़ा सस्ता हो जाएगा।
विस्तृत तुलना: पुराना और नया GST रेट
| सामान/सेवा | पुराना GST रेट | नया GST रेट | लागू होने की तिथि | टिप्पणी |
| रेडी-टू-ईट स्नैक्स | 12% | 5% | 1 अक्टूबर 2025 | रेस्टोरेंट में खाने पर असर |
| होटल (₹2500–₹7500) | 18% | 12% | 1 अक्टूबर 2025 | टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए |
| EV पार्ट्स (बैटरी/मोटर) | 18% | 5% | 1 अक्टूबर 2025 | ग्रीन एनर्जी को सपोर्ट |
| हेयर ऑइल/शैम्पू | 28% | 18% | 1 अक्टूबर 2025 | रोज़ाना के इस्तेमाल पर राहत |
| कस्टमर सर्विसेज | 18% | 28% | 1 अक्टूबर 2025 | कुछ खास सेवाओं पर बढ़ा |
| मक्का (Maize) | 5% | 0% | 1 अक्टूबर 2025 | किसानों और इंडस्ट्री को फ़ायदा |
| कुछ फ़ार्मा प्रोडक्ट्स | 5%/12% | 0% | 1 अक्टूबर 2025 | गंभीर बीमारियों के लिए |
| ऑनलाइन गेमिंग | 18% | 28% | 1 अक्टूबर 2025 | लग्ज़री सेवा मानी गई |
| मोबाइल फ़ोन पार्ट्स | 18% | 12% | 1 अक्टूबर 2025 | इलेक्ट्रॉनिक्स को बढ़ावा |
आपके लिए इसका क्या मतलब है? एक छोटा उदाहरण
आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।
मान लीजिए, आप एक होटल में रुकते हैं जिसका किराया ₹5000 है, और आप रेस्टोरेंट में ₹500 का स्नैक्स ऑर्डर करते हैं।
- पुराने रेट्स पर: आपका बिल (₹5000 * 1.18) + (₹500 * 1.12) = ₹5900 + ₹560 = ₹6460 होता।
- नए रेट्स पर: आपका बिल (₹5000 * 1.12) + (₹500 * 1.05) = ₹5600 + ₹525 = ₹6125 होगा।
यानी, आपको सीधे तौर पर ₹335 का फ़ायदा हुआ। यह दिखाता है कि ये छोटे-छोटे बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डालते हैं।
FAQ सेक्शन
1. GST काउंसिल क्या है और इसकी बैठक क्यों होती है?
GST काउंसिल भारत में GST की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था है। इसकी बैठकें समय-समय पर होती रहती हैं ताकि ज़रूरी फ़ैसले लिए जा सकें, जैसे टैक्स रेट में बदलाव, नए नियम बनाना और पुरानी समस्याओं को हल करना।
2. GST रेट में बदलाव का सीधा असर किस पर होता है?
GST में बदलाव का सीधा असर ग्राहकों और व्यापारियों दोनों पर होता है। अगर GST बढ़ता है तो ग्राहक को ज़्यादा पैसे देने पड़ते हैं और अगर घटता है तो सामान सस्ता हो जाता है।
3. क्या इस GST बदलाव से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई असर पड़ेगा?
जी हाँ, बिल्कुल। GST काउंसिल फ़ैसला में लिए गए फ़ैसले सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं। जैसे, टूरिज्म सेक्टर में GST कम होने से इस सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिलेगी। वहीं, EV पार्ट्स पर GST कम होने से देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
4. GST का पैसा कहाँ जाता है?
GST से इकट्ठा किया गया पैसा केंद्र और राज्य सरकार दोनों के बीच बँटता है। यह पैसा देश के विकास कार्यों, जैसे सड़कों, पुलों और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाता है।
निष्कर्ष:
इस GST काउंसिल फ़ैसला का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सरकार ने रोज़ाना के उपयोग की चीज़ों पर टैक्स कम करके आम आदमी को राहत दी है। ये बदलाव आने वाले समय में हमारी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालेंगे। उम्मीद है, अब आपको यह पूरी तरह समझ आ गया होगा।
क्या आपके मन में कोई और सवाल है? आप comments में पूछ सकते हैं।
आप GST काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट पर इन फ़ैसलों के बारे में ज़्यादा जानकारी पा सकते हैं:
डिस्क्लेमर:
यह लेख GST काउंसिल की बैठक के फ़ैसला पर आधारित है। टैक्स के बारे में कोई भी व्यावसायिक फ़ैसला लेने से पहले हमेशा किसी योग्य सलाहकार से सलाह लें। यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है।
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Sumit Ghatala is a stock market researcher and financial content writer with over 8 years of experience tracking Indian equity markets, corporate earnings, and sectoral trends. He focuses on analysing company fundamentals, quarterly results, and broader market movements to provide readers with clear and structured insights.
Sumit’s work is aimed at simplifying complex market data and helping retail investors understand risks, opportunities, and long-term perspectives through balanced and reader-friendly analysis.
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