कंपनी परिचय
Eco Recycling भारत की एक प्रमुख ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग कंपनी है, जो इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित कलेक्शन, डिस्मेंटलिंग और रीसाइक्लिंग के कारोबार में सक्रिय है। कंपनी मोबाइल, कंप्यूटर, सर्वर, आईटी हार्डवेयर और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट को प्रोसेस कर पर्यावरण के अनुकूल तरीके से वैल्यू रिकवरी पर काम करती है। भारत में ई-वेस्ट तेजी से बढ़ रहा है और सरकारी नियमों के सख्त होने से इस सेक्टर में संगठित कंपनियों की भूमिका मजबूत होती जा रही है, जिससे Eco Recycling का बिजनेस मॉडल लॉन्ग टर्म के लिए प्रासंगिक बना रहता है।
कुल ऑर्डर बुक की स्थिति
Eco Recycling के मामले में फिलहाल ऑर्डर बुक से जुड़ा कोई सार्वजनिक रूप से उपलब्ध और स्पष्ट आंकड़ा मौजूद नहीं है। कंपनी का बिजनेस मुख्य रूप से ई-वेस्ट कलेक्शन, प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित है, जहां रेवेन्यू लगातार मिलने वाले वर्क ऑर्डर और क्लाइंट एग्रीमेंट्स से आता है। इसलिए कंपनी की ग्रोथ को ऑर्डर बुक की बजाय इसके ऑपरेशनल स्केल, कलेक्शन नेटवर्क और रीसाइक्लिंग कैपेसिटी से समझा जाता है।
वित्तीय परिणाम और आगे की कमाई की तस्वीर
कंपनी के फाइनेंशियल्स में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव के साथ ग्रोथ भी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी का रेवेन्यू 18 करोड़ रुपये था, जो 2022 में बढ़कर 27 करोड़ रुपये हो गया। 2023 में रेवेन्यू घटकर 22 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2024 में इसमें फिर सुधार हुआ और यह 35 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2025 में रेवेन्यू बढ़कर 46 करोड़ रुपये रहा, जो 2021 की तुलना में करीब 155% ज्यादा है।
प्रॉफिट की बात करें तो 2021 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 4 करोड़ रुपये था, जो 2022 में बढ़कर 13 करोड़ रुपये हो गया। 2023 में प्रॉफिट घटकर 6 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2024 में इसमें तेज रिकवरी दिखी और प्रॉफिट 18 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2025 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 23 करोड़ रुपये रहा, जो 2021 की तुलना में करीब 475% ज्यादा है। यह ट्रेंड दिखाता है कि रेवेन्यू के साथ-साथ मार्जिन में भी सुधार हुआ है और आगे के नतीजों में ई-वेस्ट सेगमेंट की डिमांड बढ़ने का फायदा मिल सकता है।
शेयर का पिछला प्रदर्शन
शेयर के पिछले प्रदर्शन को देखें तो हालिया समय में इसमें दबाव नजर आया है। पिछले 6 महीनों में शेयर करीब -22.33% नीचे रहा है। 1 साल की अवधि में शेयर में लगभग -50.84% की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि लंबी अवधि में तस्वीर अलग है, जहां 5 साल में शेयर ने करीब 1,020.41% का मजबूत रिटर्न दिया है। यह दर्शाता है कि शॉर्ट टर्म में तेज करेक्शन के बावजूद लॉन्ग टर्म में इस शेयर ने निवेशकों को बड़ा रिटर्न दिया है।
2026 से 2040 तक Eco Recycling शेयर प्राइस टारगेट अनुमान
| वर्ष | अनुमानित शेयर प्राइस (₹) |
|---|---|
| 2026 | 520 |
| 2027 | 600 |
| 2028 | 700 |
| 2029 | 820 |
| 2030 | 980 |
| 2031 | 1,150 |
| 2032 | 1,350 |
| 2033 | 1,580 |
| 2034 | 1,850 |
| 2035 | 2,200 |
| 2036 | 2,600 |
| 2037 | 3,050 |
| 2038 | 3,600 |
| 2039 | 4,250 |
| 2040 | 5,000 |
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डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का स्वयं आकलन करें।

Sumit Ghatala is a stock market researcher and financial content writer with over 8 years of experience tracking Indian equity markets, corporate earnings, and sectoral trends. He focuses on analysing company fundamentals, quarterly results, and broader market movements to provide readers with clear and structured insights.
Sumit’s work is aimed at simplifying complex market data and helping retail investors understand risks, opportunities, and long-term perspectives through balanced and reader-friendly analysis.