बजट के दिन पहली बार रविवार को खुलेगा शेयर बाजार: क्या है पूरा शेड्यूल, किन सेक्टर और शेयरों पर रहेगी नज़र
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक खास दिन आने वाला है।
यूनियन बजट 2026 की प्रस्तुति के कारण National Stock Exchange of India ने रविवार को विशेष लाइव ट्रेडिंग सेशन आयोजित करने का फैसला किया है। आम तौर पर बाजार रविवार को बंद रहता है, लेकिन बजट घोषणाओं के तुरंत असर को देखते हुए इस बार एक्सचेंज ने नियमित समय के अनुसार ट्रेडिंग खोलने का निर्णय लिया है।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बजट के दौरान टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग और एनर्जी जैसे सेक्टरों पर बड़े ऐलान होते हैं, जिनका सीधा असर शेयरों पर दिखता है। ऐसे में निवेशकों को तुरंत प्रतिक्रिया देने का मौका मिलेगा।
क्यों रखा गया है रविवार को ट्रेडिंग सेशन?
बजट भाषण के दौरान अक्सर बड़ी नीतिगत घोषणाएँ होती हैं। अगर बाजार बंद रहे तो अगले दिन गैप-अप या गैप-डाउन ओपनिंग से भारी उतार-चढ़ाव आता है।
रविवार को मार्केट खोलने का उद्देश्य है:
- बजट घोषणाओं पर रियल-टाइम प्राइस डिस्कवरी
- अत्यधिक गैप मूवमेंट से बचाव
- हेजिंग और पोजिशन एडजस्ट करने का मौका
- संस्थागत और प्रोफेशनल ट्रेडर्स को रिस्क मैनेजमेंट की सुविधा
बजट डे स्पेशल ट्रेडिंग: पूरा टाइमटेबल
नीचे दिया गया शेड्यूल एक्सचेंज के सर्कुलर के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि आपको एक नजर में सब समझ आ जाए।
मुख्य मार्केट सेशन
| सेशन | समय |
|---|---|
| Pre-Open | 09:00 – 09:08 |
| Normal Market | 09:15 – 15:30 |
नोट: आखिरी मिनट में रैंडम क्लोजिंग मैकेनिज्म लागू हो सकता है।
अन्य विशेष सेशन
| सेशन | समय |
|---|---|
| Block Deal Session – 1 | 08:45 – 09:00 |
| Special Pre-Open (IPO/Relisted) | 09:00 – 09:45 |
| Call Auction Illiquid | 09:30 – 15:30 |
| Block Deal Session – 2 | 14:05 – 14:20 |
| Post Closing Session | 15:40 – 16:00 |
| Trade Modification Cut-off | 16:15 |
महत्वपूर्ण: इस दिन T+0 सेटलमेंट सेशन शेड्यूल नहीं किया जाएगा क्योंकि सेटलमेंट हॉलिडे लागू है।
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बजट के दिन किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा?
मेरे अनुभव में बजट वाले दिन सिर्फ हेडलाइन नहीं, बल्कि “अलॉकेशन” और “पॉलिसी डायरेक्शन” मार्केट को मूव करती है। इस बार भी कुछ सेक्टर खास तौर पर फोकस में रह सकते हैं:
1️⃣ इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स सेक्टर
अगर सरकार पूंजीगत खर्च बढ़ाती है, तो ये सेक्टर तेजी से रिएक्ट करता है।
फोकस शेयर:
- Larsen & Toubro
- Rail Vikas Nigam
- NBCC
- IRB Infrastructure
2️⃣ मेटल और माइनिंग सेक्टर
इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग पुश का सीधा फायदा मेटल कंपनियों को मिलता है।
फोकस शेयर:
- Tata Steel
- JSW Steel
- Hindalco
- Vedanta
- NMDC
3️⃣ बैंकिंग और फाइनेंशियल्स
टैक्स स्ट्रक्चर, सरकारी उधारी और क्रेडिट ग्रोथ से जुड़े ऐलान बैंकिंग स्टॉक्स को प्रभावित करते हैं।
फोकस शेयर:
- SBI
- HDFC Bank
- ICICI Bank
- Bank of Baroda
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4️⃣ डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग
अगर “मेक इन इंडिया” और डिफेंस कैपेक्स पर जोर रहा, तो यह पॉकेट एक्टिव रहेगा।
फोकस शेयर:
- HAL
- Bharat Electronics
- Bharat Dynamics
- Mazagon Dock
5️⃣ एनर्जी और रिन्यूएबल
ग्रीन एनर्जी, सोलर और ट्रांजिशन थीम पर घोषणाएँ होने पर तेज मूवमेंट दिख सकता है।
फोकस शेयर:
- NTPC
- Power Grid
- Tata Power
- Adani Green
बजट डे ट्रेडिंग में क्या सावधानी रखें
मेरे मार्केट अनुभव के आधार पर, बजट डे ट्रेडिंग में ये गलतियाँ नहीं करनी चाहिए:
- सिर्फ हेडलाइन देखकर ट्रेड न लें
- पहली 30–45 मिनट की वोलैटिलिटी में ओवर-ट्रेडिंग से बचें
- स्टॉप लॉस जरूर लगाएँ
- सेक्टर मूव देखें, सिर्फ एक शेयर पर फोकस न करें
- ऑप्शन प्रीमियम बहुत महंगे हो सकते हैं — सोच-समझकर एंट्री लें
निष्कर्ष
रविवार को खुलने वाला यह बजट स्पेशल सेशन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक हाई-वोलैटिलिटी, हाई-ऑपर्च्युनिटी ट्रेडिंग डे होगा। सही तैयारी, सेक्टर फोकस और रिस्क कंट्रोल के साथ ट्रेडर और निवेशक दोनों इसके मौके का फायदा उठा सकते हैं।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

Sumit Ghatala is a stock market researcher and financial content writer with over 8 years of experience tracking Indian equity markets, corporate earnings, and sectoral trends. He focuses on analysing company fundamentals, quarterly results, and broader market movements to provide readers with clear and structured insights.
Sumit’s work is aimed at simplifying complex market data and helping retail investors understand risks, opportunities, and long-term perspectives through balanced and reader-friendly analysis.