Adani Green Energy Q3 Results 2026: नतीजों के बाद 1 दिन में 12% टूट गया शेयर, ब्रोकरेज हुए सतर्क, Share Crash News

Adani Green Energy के शेयर में नतीजों के बाद अचानक तेज़ बिकवाली देखने को मिली। शेयर सिर्फ एक दिन में करीब 12–13% टूट गया, जबकि पिछले एक महीने में कुल गिरावट लगभग 22–23% तक पहुंच चुकी है। नतीजे कमजोर नहीं थे, लेकिन बाजार की उम्मीदों के मुकाबले growth कम रहने से निवेशकों ने भारी profit booking की, जिससे शेयर पर दबाव और गहरा गया।

एक ही दिन में क्यों टूटा Adani Green Energy का शेयर?

इमेज के मुताबिक, Adani Green Energy का शेयर एक ही ट्रेडिंग सेशन में ₹904 के आसपास से गिरकर ₹789–790 तक आ गया। यानी लगभग ₹115 की गिरावट, जो प्रतिशत के हिसाब से करीब 12.7% बैठती है। यह गिरावट अचानक आई और पूरे दिन selling pressure बना रहा। इसका साफ मतलब है कि बाजार ने नतीजों को short-term में negative तरीके से लिया।

यह जरूर पढ़ें: Silver ETF Crash News: सिल्वर ETF में मचा हाहाकार! 20% तक क्रैश, निवेशकों को लगा बड़ा झटका – असली वजह क्या है?

एक महीने में 22% से ज्यादा की गिरावट का पूरा सच

अगर पिछले एक महीने का चार्ट देखा जाए, तो शेयर ₹1,020–1,030 के ज़ोन से फिसलकर ₹790 के आसपास आ चुका है। यानी करीब ₹230 की गिरावट, जो लगभग 22–23% crash को दिखाती है। यह सिर्फ एक दिन की reaction नहीं, बल्कि लगातार बनी हुई कमजोरी और हर bounce पर selling का नतीजा है।

यह जरूर पढ़ें: 1 महीने में 90% रिटर्न! Madhav Copper में ऐसा क्या हुआ कि रोज़ Upper Circuit लग रहा है?

नतीजे कैसे रहे और बाजार को निराशा क्यों हुई?

कंपनी ने Q3 में ₹8,527 लाख का revenue और ₹2,329 लाख का net profit दर्ज किया। आंकड़े खराब नहीं थे, लेकिन निवेशकों को इससे कहीं ज्यादा तेज़ growth की उम्मीद थी। शेयर पहले से ही ऊंची valuation पर ट्रेड कर रहा था, इसलिए बाजार को strong surprise चाहिए था। जब नतीजे “ठीक-ठाक” रहे और उम्मीद से ज्यादा बेहतर नहीं निकले, तो निवेशकों ने risk घटाने का फैसला किया।

यह जरूर पढ़ें: Tata Silver Exchange Traded Fund Price Target 2026, 2027, 2028,……2040

Adani Green Energy का शेयर पिछले कुछ महीनों में पहले ही तेज़ी दिखा चुका था। ऐसे में नतीजों के बाद बाजार यह देख रहा था कि क्या future growth को लेकर कोई बड़ा positive संकेत मिलता है या नहीं। ऐसा कुछ खास न मिलने पर निवेशकों ने profits निकालना शुरू कर दिया। यही वजह है कि नतीजे आने के बाद शेयर में buying नहीं, बल्कि तेज़ selling दिखी।

Brokerage क्या कह रहे हैं?

Jefferies का मानना है कि कंपनी का long-term renewable pipeline मजबूत है, लेकिन मौजूदा valuation काफी aggressive है। ब्रोकरेज ने कहा है कि short term में stock में volatility बनी रह सकती है।

Disclaimer

यह लेख केवल जानकारी और समझ के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दिए गए विचार market data, charts और brokerage reports पर आधारित हैं। यह किसी भी प्रकार की investment advice नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है, निवेश से पहले अपने financial advisor से सलाह जरूर लें।

Leave a Comment